सोमवार, 5 अक्टूबर 2026

128 तेरे से बड़ बेवकूफ आने तो दे





 एक आदमी फसल बेचकर वापस गांव में आ रहा है कच्चे रास्ते होते थे पैदल आना जाना। तो उसकी झोली में चांदी के रुपए थे तभी आगे से एक पागल गीदड़ी आ गई उसने झोली छोड़कर गीदड़ी के कान पकड़ लिए और खड़ा हो गया।


अब छोड़ता तो गीदड़ी काट खाए, इतने में एक नवयुवक वहां से गुजरा और बोला कि चाचा क्या कर रहे हों? आदमी ने जवाब दिया कि भाई जब मैं इसके कान हिलाता हूं तो चांदी के रुपए गिर रहे हैं ये देखो सामने गिरे हुए हैं।

नवयुवक ने पैसे देखकर कहा अरे वाह तो मुझे भी हिलाने दिजिए? आदमी बोला कि ठीक है कसकर इसके कान पकड़ लो और हिलाना मत नहीं तो तेरे मेरे रूपए मिक्स हो जाएंगे, मैं अपने रूपए उठा लूं तब हिलाना। नवयुवक ने कहा ठीक है और गीदड़ी के कान पकड़ लिए।

कुछ ही देर में आदमी ने अपने रुपए उठा लिए और झोली में डालकर जाने लगा। नवयुवक ने जैसे ही गीदड़ी के कान हिलाए वो गुर्राई। नवयुवक ने आवाज देकर कहा कि चाचा फंसा दिया अब क्या करूं?

आदमी ने जवाब दिया कि तेरे से ज्यादा बेवकूफ आ जाए उसे पकड़ा देना।

जहां लाभ बहुत आसान दिखाई दे रहा हो,
वहां लाभ से पहले जोखिम जरूर देख लेना चाहिए।