किसी के इतने पास न जा

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शनिवार, 28 मार्च 2026

102..तीन पहर तो बीत गये

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  तीन पहर तो बीत गये, तीन पहर तो बीत गये, बस एक पहर ही बाकी है। जीवन हाथों से फिसल गया, बस खाली मुट्ठी बाकी  है। सब कुछ पाया इस जीवन में, फि...
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  • Digvijay Agrawal
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