किसी के इतने पास न जा

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मंगलवार, 16 जनवरी 2018

संतोषी सदा सुखी.....निधि सिंघल

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              एक बार की बात है। एक गाँव में एक महान संत रहते थे। वे अपना स्वयं का आश्रम बनाना चाहते थे जिसके लिए वे कई लोगो से मुलाकात ...
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कुछ खास नहीं....पढ़ता हूँ...पंसदीदा रचनाओं को यहां सहेज लेता हूँ.....

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