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मंगलवार, 26 सितंबर 2017
एक हिंदी लेखक....सेवा सदन प्रसाद
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आज एक अलक....एक हिंदी लेखक मोबाइल की घंटी बजी। ऑन करने पे आवाज आई -- "हेलो, सुधीर जी नमस्कार ।" " नमस्कार भाई साहब ।...
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मंगलवार, 5 सितंबर 2017
सितम भी सहा कीजिए....डॉ. डी.एम. मिश्र
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इस जहाँ का चलन भी निभा दीजिए और अपने भी दिल का कहा कीजिए। खोज में आप जिसकी परेशान हैं पास में ही न हो ये पता कीजिए। एक भी आप दुश्...
3 टिप्पणियां:
रविवार, 3 सितंबर 2017
डेटिंग.....अर्जित पांडेय
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मैंने देखा उसे ,वो शीशे में खुद को निहार रहा था ,होठों पर लिपस्टिक धीरे धीरे लगाकर काफी खुश दिख रहा था मानो उसे कोई खजाना मिल गया हो । बेहय...
1 टिप्पणी:
रविवार, 16 जुलाई 2017
‘पगलिया’.......प्रशान्त पांडेय
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एगो कुसुमिया है. हड़हड़ाते चलती है. मुंह खोली नहीं की राजधानी एक्सप्रेस फेल. हमरे यहां काम करने आती है. टेंथ का एक्जाम था तो काम छोड़ दी थी....
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