किसी के इतने पास न जा

रविवार, 20 मई 2018

दर्द...अति लघु कथा (अलक)....व्हाट्'अप

›
शाम से ही सीमा के सीने में बायीं तरफ़ हल्का दर्द था। पर इतने दर्द को तो औरतें चाय में ही घोलकर पी जाती हैं। सीमा ने भी यही सोचा कि शायद...
20 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 19 मई 2018

कम्प्यूटर में वायरस..रहस्य कथा....पुष्पेन्द्र द्विवेदी

›
लोनावला का एक सूनसान बंगला जिसमे शायद ही कोई रहता हो, अरसे गुज़र गए इस बंगले के इर्द गिर्द कोई परिंदा भी भटका हो , वैसे ये बंगला एक बहुत ...
3 टिप्‍पणियां:
रविवार, 13 मई 2018

सत्रह हाथी...विजय विक्रान्त

›
सेठ घनश्याम दास बहुत बड़ी हवेली में रहता था। उसके तीन लड़के थे। पैसा, नौकर, चाकर, घोड़ा गाड़ी तो थी ही, मगर उसे अपने ख़ज़ाने में सबसे अधिक प्य...
2 टिप्‍पणियां:
रविवार, 6 मई 2018

रविवार की छुट्टी का काला सच

›
रविवार की छुट्टी का काला सच जिसे कोई नही जानता हम सबको को सप्ताह में रविवार की छुट्टी का इंतजार रहता है  लेकिन इस छुट्टी का इतिहास क...
6 टिप्‍पणियां:
रविवार, 29 अप्रैल 2018

मेरे पापा की 'औकात' ...प्रस्तुतिः मनोहर वासवानी

›
पाँच दिन की छुट्टियाँ बिता कर जब ससुराल पहुँची तो पति घर के सामने स्वागत में खड़े थे।  अंदर प्रवेश किया तो छोटे से गैराज में चमचमाती गाड़...
9 टिप्‍पणियां:
सोमवार, 16 अप्रैल 2018

शैतान क्या हैं...?...बोधकथा

›
एक प्रोफेसर ने अपने छात्र से पूछा.... क्या वह भगवान था जिसने इस संसार की हर वस्तु को बनाया...? छात्र का जवाब : हां उन्होंने फिर पूछा...
3 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 12 अप्रैल 2018

शेर के बाल से पति का इलाज...हिन्दी एरा

›
             एक बार एक भीषण युद्ध हुआ। युद्ध समाप्त होने के बाद उसकी भयावहता की यादें अपने साथ लिए सभी जिन्दा बच गए लोग अपने अपने घर लौट ...
11 टिप्‍पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

कुछ खास नहीं....पढ़ता हूँ...पंसदीदा रचनाओं को यहां सहेज लेता हूँ.....

  • Digvijay Agrawal
  • yashoda Agrawal
Blogger द्वारा संचालित.