किसी के इतने पास न जा

रविवार, 21 जनवरी 2018

इज़्ज़त....अनन्त आलोक

›
          नशे में धुत लड़खड़ाते मित्र को सहारा देकर घर छोड़ने आये सुनील ने याद दिलाया, "देखो जगपाल तुम्हें कितनी बार समझाया है, सराब पीन...
4 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, 16 जनवरी 2018

संतोषी सदा सुखी.....निधि सिंघल

›
              एक बार की बात है। एक गाँव में एक महान संत रहते थे। वे अपना स्वयं का आश्रम बनाना चाहते थे जिसके लिए वे कई लोगो से मुलाकात ...
1 टिप्पणी:
रविवार, 7 जनवरी 2018

अहसास....मनोज चौहान

›
                   सुधीर की पत्नी मालती की डिलीवरी हुए आज पाँच दिन हो गए थे। उसने एक बच्ची को जन्म दिया था और वह शहर के सिविल हॉस्पिटल में ...
4 टिप्‍पणियां:
रविवार, 31 दिसंबर 2017

दही का इन्तजाम

›
गुप्ता जी जब लगभग पैंतालीस वर्ष के थे तब उनकी पत्नी का स्वर्गवास हो गया था। लोगों ने दूसरी शादी की सलाह दी परन्तु गुप्ता जी ने यह कहकर म...
4 टिप्‍पणियां:
रविवार, 17 दिसंबर 2017

आजादी.....मीना पाण्डेय

›
पहली रोटी मैंने अभी तवे पर डाली ही थी। ‘माँ, मैं कैसी लग रही हूँ ?‘ रोहिणी ने आते ही पूछा।  मैं कुछ कहती इससे पहले उसका फोन बजने लगा। वह ...
1 टिप्पणी:
रविवार, 10 दिसंबर 2017

इज़्ज़त का सवाल....गोवर्धन यादव

›
                              शादी से पूर्व सरला ने अपना निर्णय कह सुनाया था कि अभी वह और आगे पढ़ना चाहती है। जब उसके होने वाले भावी पति ने...
2 टिप्‍पणियां:
रविवार, 26 नवंबर 2017

Awesome Paper Art .......S.P.Chari

›
Jeff Nishinaka, paper sculptor, was born in Los Angeles and gained international recognition in the past fifteen years through his unique r...
1 टिप्पणी:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

कुछ खास नहीं....पढ़ता हूँ...पंसदीदा रचनाओं को यहां सहेज लेता हूँ.....

  • Digvijay Agrawal
  • yashoda Agrawal
Blogger द्वारा संचालित.