किसी के इतने पास न जा
शुक्रवार, 12 मई 2017
न देने वाला मन....लघुकथा
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एक भिखारी सुबह-सुबह भीख मांगने निकला। चलते समय उसने अपनी झोली में जौ के मुट्ठी भर दाने डाल लिए। टोटके या अंधविश्वास के कारण भिक्षाटन क...
गुरुवार, 11 मई 2017
दुख का कारण....लघु कथा
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एक व्यापारी को नींद न आने की बीमारी थी। उसका नौकर मालिक की बीमारी से दुखी रहता था। एक दिन व्यापारी अपने नौकर को सारी संपत्ति देकर चल बस...
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बुधवार, 10 मई 2017
प्रेम और भक्ति में हिसाब!
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एक पहुंचे हुए सन्यासी का एक शिष्य था, जब भी किसी मंत्र का जाप करने बैठता तो संख्या को खडिया से दीवार पर लिखता जाता। किसी दिन वह लाख त...
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मंगलवार, 9 मई 2017
गधे की कब्र
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एक फकीर किसी बंजारे की सेवा से बहुत प्रसन्न हो गया। और उस बंजारे को उसने एक गधा भेंट किया। बंजारा बड़ा प्रसन्न था। गधे के साथ, अब उसे प...
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बुधवार, 19 अप्रैल 2017
किसी के इतने पास न जा......अनुपम वर्मा
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कमरे में चारों तरफ़ अँधेरा और सन्नाटा ही था,ठीक वैसा ही सन्नाटा उस कमरे में मौजूद हस्ती के वजूद पर भारी था....... उनकी चीखें और दहाड़...
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बुधवार, 1 फ़रवरी 2017
भाग्य और पुरुषार्थ... प्रेरक कथा
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एक बार दो राज्यों के बीच युद्ध की तैयारियां चल रही थीं। दोनों के शासक एक प्रसिद्ध संत के भक्त थे। वे अपनी-अपनी विजय का आशीर्वाद मांगने क...
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मंगलवार, 31 जनवरी 2017
चार मित्र .......
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बहुत समय पहले की बात है। एक छोटा सा नगर था जहां चार बहुत ही घनिष्ठ मित्र रहते थे। उनमें एक था राजकुमार, दूसरा मंत्री का पुत्र, तीसरा ...
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