किसी के इतने पास न जा

बुधवार, 1 फ़रवरी 2017

भाग्य और पुरुषार्थ... प्रेरक कथा

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एक बार दो राज्यों के बीच युद्ध की तैयारियां चल रही थीं। दोनों के शासक एक प्रसिद्ध संत के भक्त थे। वे अपनी-अपनी विजय का आशीर्वाद मांगने क...
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मंगलवार, 31 जनवरी 2017

चार मित्र .......

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बहुत समय पहले की बात है। एक छोटा सा नगर था जहां चार बहुत ही घनिष्ठ मित्र रहते थे। उनमें एक था राजकुमार, दूसरा मंत्री का पुत्र, तीसरा ...
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सोमवार, 30 जनवरी 2017

मूर्ख कौन? ....रचनाकार अज्ञात

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किसी गांव में एक सेठ रहता था. उसका एक ही बेटा था, जो व्यापार के काम से परदेस गया हुआ था. सेठ की बहू एक दिन कुएँ पर पानी भरने गई. घड़ा ज...
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शनिवार, 21 जनवरी 2017

विश्व बैंक की रिपोर्ट व एक भिखारी से संवाद....सुदर्शन कुमार सोनी

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एक लम्बी लघु कथा....... भोपाल के बोर्ड ऑफ़िस चौराहे पर स्थित, "मोटल सिराज" से एक कार्यक्रम अटेंड कर मैं अपने ग़रीबखाने में वापिस...
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मंगलवार, 17 जनवरी 2017

आसरा,,,,,,,विरेंदर 'वीर' मेहता

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"लाखों आशियाने पर एक रात का आसरा नहीं।" गली में किसी की पुकार सुन विश्वा ने कोठरी से बाहर देखा। उसका 'मोती' (कुत्ता...
मंगलवार, 27 दिसंबर 2016

क्या आपने कभी इन पश्चिमी दार्शनिकों को पढ़ा है

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*लियो टॉल्स्टॉय (1828 -1910)* "हिन्दू और हिन्दुत्व ही एक दिन दुनिया पर राज करेगी, क्योंकि इसी में ज्ञान और बुद्धि का संयोजन है...
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गुरुवार, 22 दिसंबर 2016

जो भी होता है, अच्छे के लिए होता है....

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एक बार भगवान से उनका सेवक कहता है, भगवान आप एक जगह खड़े-खड़े थक गये होंगे. एक दिन के लिए मैं आपकी जगह मूर्ति बनकर खड़ा हो जाता हूं, आप...
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कुछ खास नहीं....पढ़ता हूँ...पंसदीदा रचनाओं को यहां सहेज लेता हूँ.....

  • Digvijay Agrawal
  • yashoda Agrawal
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