किसी के इतने पास न जा
मंगलवार, 31 जनवरी 2017
चार मित्र .......
›
बहुत समय पहले की बात है। एक छोटा सा नगर था जहां चार बहुत ही घनिष्ठ मित्र रहते थे। उनमें एक था राजकुमार, दूसरा मंत्री का पुत्र, तीसरा ...
1 टिप्पणी:
सोमवार, 30 जनवरी 2017
मूर्ख कौन? ....रचनाकार अज्ञात
›
किसी गांव में एक सेठ रहता था. उसका एक ही बेटा था, जो व्यापार के काम से परदेस गया हुआ था. सेठ की बहू एक दिन कुएँ पर पानी भरने गई. घड़ा ज...
3 टिप्पणियां:
शनिवार, 21 जनवरी 2017
विश्व बैंक की रिपोर्ट व एक भिखारी से संवाद....सुदर्शन कुमार सोनी
›
एक लम्बी लघु कथा....... भोपाल के बोर्ड ऑफ़िस चौराहे पर स्थित, "मोटल सिराज" से एक कार्यक्रम अटेंड कर मैं अपने ग़रीबखाने में वापिस...
3 टिप्पणियां:
मंगलवार, 17 जनवरी 2017
आसरा,,,,,,,विरेंदर 'वीर' मेहता
›
"लाखों आशियाने पर एक रात का आसरा नहीं।" गली में किसी की पुकार सुन विश्वा ने कोठरी से बाहर देखा। उसका 'मोती' (कुत्ता...
मंगलवार, 27 दिसंबर 2016
क्या आपने कभी इन पश्चिमी दार्शनिकों को पढ़ा है
›
*लियो टॉल्स्टॉय (1828 -1910)* "हिन्दू और हिन्दुत्व ही एक दिन दुनिया पर राज करेगी, क्योंकि इसी में ज्ञान और बुद्धि का संयोजन है...
7 टिप्पणियां:
गुरुवार, 22 दिसंबर 2016
जो भी होता है, अच्छे के लिए होता है....
›
एक बार भगवान से उनका सेवक कहता है, भगवान आप एक जगह खड़े-खड़े थक गये होंगे. एक दिन के लिए मैं आपकी जगह मूर्ति बनकर खड़ा हो जाता हूं, आप...
4 टिप्पणियां:
गुरुवार, 1 दिसंबर 2016
विभिन्न पुस्तकों से संकलित
›
विभिन्न पुस्तकों से संकलित कठिनाईयाँ जब तक आप अपनी समस्याओं एंव कठिनाईयों की वजह दूसरों को मानते है, तब तक आप अपनी समस्याओं एंव ...
3 टिप्पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें