किसी के इतने पास न जा
शुक्रवार, 23 सितंबर 2016
उस समय तो ‘पाकिस्तान’ था ही नहीं
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एक बार संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर को ले कर चर्चा चल रही थी। एक भारतीय प्रवक्ता बोलने के लिए खड़ा हुआ, अपना पक्ष रखने से पहले उसने ऋषि...
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शुक्रवार, 16 सितंबर 2016
बहन का स्नेह मिलना खुशनसीबी है....कृष्ण मोहन सिंह
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एक छोटा-सा पहाड़ी गांव था। वहां एक किसान, उसकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी रहते थे। एक दिन बेटी की इच्छा स्कार्फ खरीदने की हुई और उसने पि...
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गुरुवार, 8 सितंबर 2016
संगठित कार्य हमेशा व्यक्तिगत प्रदर्शन से बेहतर होता है
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आपने कछुए और खरगोश की कहानी ज़रूर सुनी होगी, उसे फिर से दोहराता हूँ एक बार खरगोश को अपनी तेज चाल पर घमंड हो गया और वो जो मिलता...
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शनिवार, 3 सितंबर 2016
जिह्वा का वर्चस्व रहेगा.........हरि जोशी
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पंक्तिबद्ध और एकजुट रहने के कारण दाँत बहुत दुस्साहसी हो गए थे। एक दिन वे गर्व में चूर होकर जिह्वा से बोले "हम बत्तीस घनिष्ट ...
बुधवार, 10 अगस्त 2016
त्रावणकोर की महिलाओं ने कटा दिये थे अपने स्तन....आईचौक
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समाज में बदलाव लाने और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए दिए गए बलिदान की कई घटनाएं इतिहास में दर्ज हैं. ऐसी ही एक घटना में केरल में ...
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शनिवार, 30 जुलाई 2016
शांतिपूर्ण और सुखमय वैवाहिक जीवन
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राज.... एक दंपत्ति नें जब अपनी शादी की 25 वीं वर्षगांठ मनायी तो एक पत्रकार उनका साक्षात्कार लेने पहुंचा. वो दंपत्ति अपने श...
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शनिवार, 23 जुलाई 2016
तोता बेहोश हो गया...
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पिंजरे का तोता एक समय की बात हैं, एक सेठ और सेठानी रोज सत्संग में जाते थे। सेठजी के एक घर एक पिंजरे में तोता पाला हुआ था। तोता रोज ...
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