किसी के इतने पास न जा
गुरुवार, 30 जनवरी 2014
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मुझे तोहमत कोई देकर जुदा होता तो अच्छा था कि हममें से कोई एक बेवफा होता तो अच्छा था तड़प नज़दीक आने की दिल...
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मंगलवार, 28 जनवरी 2014
जीने की कोशिश जारी है............चंद्रसेन विराट
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प्रिय किसको भुजपाश नहीं है इसकी किसे तलाश नहीं है। जीने की कोशिश जारी है जीने का अवकाश नहीं है। अनगढ़ता-सौंदर्य मूर्ति की तीखी तेज तराश न...
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सोमवार, 27 जनवरी 2014
हमारे शहर में अफ़सर नयी जो आई है..............सचिन अग्रवाल 'तन्हा'
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हवा जो नर्म है ,साज़िश ये आसमान की है वो जानता है परिंदे को ज़िद उड़ान की है मेरा वजूद ही करता है मुझसे ग़द्दारी नहीं तो उठने की औकात क...
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पता नहीं तुम क्या सोचोगे" .............उत्पल कान्त मिश्र
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"आसमान में देखा है वो कमर" ................... !! "हुं" ..................... !! "कितना भोला दिखता है न श्वेत,...
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शुक्रवार, 24 जनवरी 2014
चलो फुटपाथ पर चलकर कोई मिसरा उठाते हैं.....सचिन अग्रवाल
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यही ज़िद है तो फिर हिस्सा सभी अपना उठाते हैं अगर शबनम तुम्हारी है तो हम शोला उठाते हैं जो हक़ के वास्ते सर अपने कटवाना ही गैरत है तो ...
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गुरुवार, 23 जनवरी 2014
न शिकायत है, न ही रोए!..................प्रेमजी (अप्रवासी भारतीय)
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ये उम्र तान करके सोए हैं, थकान पांव-भर जो ढोए हैं। किसी सड़क पे नहीं मिलती है, सुबह जो गर्द में ये बोए हैं। लोग कहते हैं कारवां चुप...
बुधवार, 22 जनवरी 2014
टूटने की यह कहानी..................विद्यानंदन राजीव
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नींद टूटी और स्वर्णिम स्वप्न टूटे थम नहीं पाई अभी तक टूटने की यह कहानी! सोचते जब चल पड़ें परछाइयों का साथ छोड़ें सा...
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